कानपुर मुठभेड़ के दौरान आठ पुलिसकर्मियों की शहादत के आरोपी कुख्यात विकास दुबे को पकड़ने के लिए पुलिस लगातार छापा मार रही है। उनके पोस्टर लगाए गए हैं, साथ ही उनके सिर पर घोषित इनाम की राशि बढ़ाकर पांच लाख कर दी गई है। पुलिस उसके साथियों की मदद से विकास तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। इसी क्रम में गुरुवार को विकास के दो साथी पुलिस मुठभेड़ में मारे गए।
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फरीदाबाद में विकास दुबे की मदद करने वाले अपराधी प्रभात मिश्रा गुरुवार को पुलिस मुठभेड़ में मारे गए। आईजी रेंज कानपुर ने कहा कि तीन लोगों ने फरीदाबाद में विकास को छिपाने में मदद की थी, जिन्हें कल गिरफ्तार किया गया था। प्रभात भी उनमें से एक था। प्रभात मिश्रा और बुआ दुबे दोनों पर 50 हजार का इनाम था।
दोनों आरोपियों श्रवण और अंकुर को 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया, जबकि आरोपी प्रभात उर्फ कार्तिकेय मिश्रा को अदालत से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद यूपी पुलिस को सौंपा जाना था।
इसके लिए उसे फरीदाबाद से कानपुर लाया जा रहा था। कानपुर के आईजी रेंज ने बताया कि प्रभात ने रास्ते में पुलिस को चकमा देकर भागने की कोशिश की, जिससे उसकी मुठभेड़ हो गई।
मुठभेड़ में बूआ दुबे भी मारा गया
एक अन्य मुठभेड़ में विकास के साथी बाऊ दुबे भी मारे गए हैं। पुलिस ने इटावा के बकेवर थाना क्षेत्र में एक मुठभेड़ की। बाऊ दुबे तीन अन्य साथियों के साथ एक स्विफ्ट डिजायर कार लूटकर भागने की कोशिश कर रहा था।
इस दौरान, पुलिस ने उन्हें कचोरा रोड पर रोक दिया और उन्होंने गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं जिसमें बाऊ दुबे मारा गया। हालांकि उसके तीन साथी भागने में सफल रहे। पुलिस को बउआ से एक पिस्टल मिली है।
