ICRA ने वित्त वर्ष 2023 में भारतीय सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि के अपने पूर्वानुमान को 8% से घटाकर 7.2% कर दिया।
ICRA ने वित्त वर्ष 2022 में सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि का अनुमान बोला 8.5% रखा था।
जीडीपी में कटौती का कारण रूस- यूक्रेन संघर्ष और चीन में लॉकडाउन है, जिससे कमोडिटी की कीमतें बढ़ गई है।
ICRA लिमिटेड( पूर्व में इन्वेस्टमेंट इनफार्मेशन एंड क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ऑफ इंडिया लिमिटेड) की स्थापना 1991 में हुई थी।
OECD- FY23 8.1%
फिच रेटिंग- FY23 8.5%
मूडीज-FY22 से 9.1%