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पेगासस प्रोजेक्ट

 इजराइल की एक सर्विलांस तकनीक कंपनी ने कई देशों के सरकारी महकमे के बड़े पदों पर काम करने वाले लोगों के टेलीफोन नंबरों की जासूसी करने की कोशिश की है। इसे पेगासस प्रोजेक्ट नाम दिया गया है।

इसकी लीक हुए सूची में लगभग 300 वेरीफाइड भारत नंबर पाए गए हैं।

इनमें मंत्रियों, विपक्षी नेताओं, पत्रकारों, न्यायपालिका से जुड़े लोगों, कारोबारियों, सरकारी अधिकारियों आदि के नाम शामिल हैं।

दुनिया भर में पेगासस की बिक्री करने वाली इजरायली कंपनी एनएसओ ग्रुप का कहना है कि इसके ग्राहक जांच पड़ताल जैसी गतिविधियों को बहुत अधिक तवज्जो देने वाली सरकारों तक सीमित है। 

हालांकि द वायर के अनुसार इस संभावना को खारिज किया गया है कि भारत में विदेश में कोई निजी संस्था इस सेंधमारी के लिए जिम्मेदार हो सकती हैं। 

लिक डेटाबेस पेरिस आधारित गैर-लाभकारी मीडिया संस्था फोरबिडेन स्टोरीज और एमनेस्टी इंटरनेशनल द्वारा हासिल किया गया है। इसके बाद इसे द वायर, द माउंट, द गार्जियन, वाशिंगटन पोस्ट और अरबी संगठनों के साथ पेगासस प्रोजेक्ट नाम के एक साझा तहकीकात के हिस्से के तौर पर शेयर किया गया।

सूची में पहचान किए गए नंबरों का अधिकांश हिस्सा भौगोलिक तौर पर 10 देशों के समूह- भारत, अजरबैजान, बहरीन, कजाकिस्तान, मेक्सिको, मोरक्को, रवांडा, सऊदी अरब, और संयुक्त अरब अमीरात में केंद्रित था। द वायर उन नामों को अगले कुछ दिनों में अपने सहयोगियों के साथ एक-एक करके उजागर करेगा।

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