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अंतरराष्ट्रीय संस्थान IFAD के बारे में

 IFAD एक अंतरराष्ट्रीय संस्थान है जो विकासशील देशों में खाद्य उत्पादन के लिए किसी विकास परियोजनाओं को फाइनेंस करता है। 

इसका उद्देश्य विकासशील देशों में ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी एवं भूखमरी समस्या को खत्म करने का प्रयास करना है। ग्रामीण लोगों की खाद्य सुरक्षा बढ़ाने उनके परिवारों के पोषण में सुधार करने और उनकी आय बढ़ाने के लिए यह संस्था प्रयास करती है। 

अधिक समावेशी प्रोडक्टिव और टिकाऊ बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बदलाव लाना इन के मुख्य उद्देश्य में से हैं।

इस संस्था में कुल 177 देशों की भागीदारी है। भारत भी इसका एक सदस्य है। दुनिया के सभी क्षेत्रों से विकासशील, मध्यम और उच्च आय वाले देश इसके सदस्य हैं।

संयुक्त राष्ट्र या इसकी कोई भी विशेष एजेंसी अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के कोई भी सदस्य देश इसकी सदस्यता हासिल कर सकते हैं। सदस्य देशों के पास ही नीति, वित्तीय या सदस्य जैसे सभी मामलों पर अंतिम निर्णय लेने की शक्ति होती है। सदस्य देश IFAD को गवर्निंग काउंसिल और कार्यकारी बोर्ड के माध्यम से नियंत्रित करते हैं।

दोनों निकाय गवर्निंग काउंसिल और कार्यकारी बोर्ड IFAD के लिए सभी प्रमुख निर्णय लेते हैं। गवर्निंग काउंसिल की बात करें तो प्रत्येक साल इसकी एक बार बैठक होती है।

यह IFAD की मैन डिसीजन मेकिंग बॉडी है। कार्यकारी बोर्ड की बात करें तो यह IFAD के जनरल ऑपरेशंस की देखरेख करता है। इसकी सदस्यता गवर्निंग काउंसिल द्वारा निर्धारित की जाती है।

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