बताया जा रहा है कि मस्जिद इमाम-ए-रब्बानी में लगभग 2:30 बजे एक मामाद अब्दुल्ला लुहार ने कथित तौर पर मस्जिद में प्रवेश किया। और एक अनिर्धारित आज़ान दिया। जिसमें मुस्लिम समुदाय के लोगों से आवाहन किया गया कि मैं कच्छ का राजा हूं। मुसलमानों को जागना चाहिए और हथियार लेकर घर से निकलना चाहिए। इस बात पर पुलिस ने जल्द ही प्रतिक्रिया दिखाते हुए उस शख्स को गिरफ्तार कर लिया और मामले की जांच की जा रही है।
आपको बता दें कि यह पहला मामला नहीं है जब किसी मंदिर से ऐसे हिंसात्मक बयान सामने आया है। इससे पहले भी कई दफा ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछले ही महीने बेंगलुरु के सादिक लेआउट एरिया में आशा नर्सों के एक समूह के साथ वहां के स्थानीय निवासियों ने दुर्व्यवहार किया था। साथ ही उनके साथ मारपीट भी की थी। यह एरिया कोरोना वायरस हॉटस्पॉट जोन में आता है। आशा नर्सों ने बताया था कि स्थानीय लोगों से कोरोनावायरस की जांच के लिए नमूने लेने गए थे लेकिन वहां के स्थानीय लोगों ने उनके साथ मारपीट की।
एक ऐसा ही मामला 27 अप्रैल को सामने आया था जब पुलिस ने औरंगाबाद के एक मस्जिद में लोगों को इकट्ठा होने से उन्हें रोका था। पुलिस ने नॉक डाउन के नियमों को लागू करने के लिए लोगों को मस्जिद में इकट्ठा होकर नमाज पढ़ने से रोका था। जिसके बाद लोगों ने पुलिस पर हमला कर दिया और उनके साथ मारपीट की।
2 अप्रैल को भी उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से एक ऐसा ही मामला सामने आया था। जब पुलिस ने सराय रहमान क्षेत्र के मस्जिद में लोगों को इकट्ठा होकर नमाज पढ़ने से मना किया था। तो उन लोगों ने भी पुलिस के ऊपर पत्थर फेंके थे।
गुजरात के भुज में एक मस्जिद से आधी रात को दिया गया आज़ान, हथियार लेकर घर से बाहर निकलने के लिए लोगों से किया आवाहन
गुजरात के भुज इलाके में एक मस्जिद से आधी रात को आज़ान दिया गया। जिसमें मुस्लिम समुदाय के लोगों को घरों से हथियार लेकर बाहर निकलने का आवाहन किया गया। बताया जा रहा है कि यह मामला भुज के कोकली रोड में बाकली कॉलोनी की है। जहां पर संजोगनगर के एक व्यक्ति ने मस्जिद से अनिर्धारित अजान दिया है। पुलिस ने इस शख्स को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की पूछताछ जारी है।
