खबर हरियाणा के हिसार का है जहां 30 मुस्लिम परिवारों ने मुस्लिम धर्म छोड़कर हिंदू धर्म को अपना लिया है। डेली बिहार की एक रिपोर्ट के अनुसार एक परिवार के एक बुजुर्ग महिला की मृत्यु होने के बाद उन्हें दफनाने की जगह उनका अंतिम संस्कार किया गया।
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डेली बिहार की रिपोर्ट के अनुसार उन परिवारों ने बताया कि उनमें से किसी को भी धर्म बदलने के लिए उन पर कोई दबाव नहीं डाला गया। उन्होंने यह भी बताया कि 350 वर्ष पहले उनके पूर्वज हिंदू थे। उन्होंने यह भी बताया कि वे लोग 10 वर्ष पूर्व मुस्लिम में कन्वर्ट हो गए थे। लेकिन अब वह वापस हिंदू धर्म को अपनाना चाहते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वह होली और दिवाली भी मनाया करते थे लेकिन अपने प्रियजनों के शवों को कब्रिस्तान में ही दफनाते थे। लेकिन अब उन्होंने हिंदू धर्म को अपनाने का फैसला कर लिया है। इसकी उन्होंने औपचारिक घोषणा भी कर दी है। साथ ही इस बार उनके परिवार में से एक बुजुर्ग महिला की मृत्यु होने पर उनका हिंदू धर्म के रीति रिवाज के अनुसार उनका दाह संस्कार किया गया।
बताया जा रहा है कि ग्रामीणों ने पहले बहन के साथ कोई भेदभाव नहीं किया था। और उनके हिंदू धर्म में वापसी करने पर गांव वालों ने भी उनका स्वागत किया। गांव के निवासी मनीर मिरासी के दावा किया कि औरंगजेब के वक्त तक उनका परिवार हिंदू था। लेकिन परिवार की हिफाजत के लिए उन्होंने इस्लाम कबूल किया था। लेकिन अब वापस उन्होंने हिंदू धर्म को अपना लिया है। और वे ग्रामीणों के साथ मिलजुल कर रहने के लिए तैयार है।
यह खबर डेली बिहार मीडिया पोर्टल के एक रिपोर्ट पर आधारित है। डेली बिहार के रिपोर्ट को आधार मानकर इस लेख को लिखा गया है। इस खबर की सत्यता डेली बिहार की रिपोर्ट पर आश्रित है।
