दिल्ली प्रदेश के कांग्रेस चीफ अनिल चौधरी पर आरोप है कि उन्होंने अपने वाहनों से लोगों को दिल्ली यूपी गेट तक पहुंचाया और वहां भीड़ जुटाई। जिसके लिए उन्हें उनके ही घर पर हिरासत में लिया गया है। हालांकि अनिल चौधरी ने इन आरोपों को नकार दिया है। उनका कहना है कि कांग्रेस के कार्यकर्ता सिर्फ लोगों को खाना खिला रहे हैं और उनकी सेवा कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि न्यू अशोक नगर थाने की टीम रविवार की सुबह को दल्लूपुरा स्थित अनिल चौधरी के घर से घर पर पहुंच गई। और उन्हें बाहर आने को कहा गया। लेकिन अनिल चौधरी ने घर से बाहर आने से सख्त मना कर दिया। ईश्वर अनिल चौधरी ने कहा कि उन्हें हिरासत में लेने के लिए उन्हें कोई कारण नहीं बताया। हालांकि पुलिस का कहना है कि अनिल चौधरी ने ना केवल लोगों को तक पहुंचाया बल्कि उन्होंने किसी भी नियमों का पालन नहीं किया। ना तो उन्होंने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया और ना ही मास्क लगाया था।
अनिल चौधरी को हिरासत में ले जाने की खबर फैलते ही कांग्रेस के स्थानीय कार्यकर्ता अनिल चौधरी के घर आने लगे। उनका कहना है कि अगर लोगों को खाना खिलाना गुनाह है तो यह गुनाह उन्होंने किया। अगर किसी प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला को अस्पताल पहुंचाना गुनाह है तो हमने यह गुनाह किया है।
वहीं पुलिस का कहना है कि प्रवासी मजदूरों को उनके गांव भेजने के लिए एक सिस्टम है जिसे फॉलो नहीं किया गया। पुलिस अनिल चौधरी पर कानूनी कार्रवाई करने की सोच रही है।
