July 15, 2020

रिचर्ड वर्मा ने सीमा विवाद की कार्यवाही को बताया उकसाऊ, कही यह बात

लंबे समय तक भारत में रहे अमेरिकी राजदूत रिचर्ड वर्मा ने कहा है कि भारतीय सीमा, दक्षिण चीन सागर, ताइवान जलडमरूमध्य और हांगकांग में चीन द्वारा हाल ही में की गई कार्रवाई उत्तेजक और अस्थिर करने वाली है। आपको बता दें कि भारत-चीन सेना पांच मई से आठ सप्ताह से अधिक समय से पूर्वी लद्दाख क्षेत्रों में गतिरोध में है।
5 मई को गाल्वन घाटी में कार्रवाई में भारत के 20 सैनिक शहीद हो गए थे। जबकि चीनी पक्ष ने अभी तक अपने हताहतों का विवरण जारी नहीं किया है। वर्मा ने कहा कि चीनी कार्रवाई का उद्देश्य उकसावे को बढ़ाकर क्षेत्र में अस्थिरता पैदा करना है।

चीन ने दक्षिण सागर में अपने दावे का दावा करते हुए कृत्रिम द्वीप भी बनाए हैं, जबकि ताइवान, फिलीपींस, ब्रुनेई, मलेशिया और वियतनाम ने भी इसके कुछ हिस्सों पर अपना अधिकार जताया है। वर्मा ने आगे कहा कि 1959 में अमेरिकी संसद में सीनेटर कैनेडी ने कहा कि एशिया का भाग्य भारत पर निर्भर करता है और इस क्षेत्र में भारत का विशेष महत्व है, यह भाषण एक तथ्य है। उन्होंने भारत के साथ अमेरिका की साझेदारी को अब तक सही रास्ते पर बताया।
अमेरिका छोड़ने का छात्रों का निर्णय बेतुका है
रिचर्ड वर्मा ने अमेरिकी विदेश और रक्षा मंत्रालयों और अन्य अमेरिकी सरकारी एजेंसियों के लिए भारत-अमेरिकी संबंधों को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि, वर्मा ने ऑनलाइन अध्ययन पर विदेशी छात्रों के लिए अमेरिका छोड़ने के ट्रम्प प्रशासन के फैसले को बेतुका और संकीर्ण मानसिकता वाला बताया।

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