आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह पर उत्तर प्रदेश में एक एफआईआर दर्ज की गई है। लखनऊ के महानगर इलाके में रहने वाले वकील अविनाश त्रिपाठी ने संजय सिंह के खिलाफ केस दर्ज कराया है। संजय सिंह के खिलाफ आईपीसी की कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
संजय सिंह के खिलाफ गोमती नगर में सेवानिवृत्त आईएएस एसपी सिंह के घर पर एक संवाददाता सम्मेलन के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई है। दरअसल, संजय सिंह ने सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार ने जबरन पार्टी कार्यालय को खाली कराया। संजय सिंह पर हजरतगंज पुलिस थाने में सांप्रदायिक सद्भाव और आपत्तिजनक टिप्पणी की धाराओं के तहत संजय सिंह पर मुकदमा दर्ज किया गया है। संजय सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 153 ए, 153 बी, 501, 505 (2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
आम आदमी पार्टी ने भी उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर आरोप लगाया था कि उनके पार्टी कार्यालय पर ताला लगाया गया था। AAP राज्यसभा सांसद और यूपी प्रभारी संजय सिंह ने आरोप लगाया है कि यूपी पुलिस ने सरकार के इशारे पर लखनऊ में पार्टी के कार्यालय पर ताला लगा दिया है।
संजय सिंह ने कहा कि यूपी में सरकार सिर्फ ठाकुरों के लिए चल रही है और ब्राह्मणों को निशाना बनाया जा रहा है। लखीमपुर में नाबालिग लड़की से गैंगरेप और हत्या, आजमगढ़ में ग्राम प्रधान की हत्या राज्य में जंगलराज जैसी स्थिति बन गई है। साथ ही सरकार के खिलाफ आवाज उठाने के लिए मेरे खिलाफ 5 मामले बनाए गए।
पहले भी दर्ज हो चुका है मुकदमा
इससे पहले, राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर टिप्पणी करने के लिए संजय सिंह पर लखीमपुर खीरी में एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अरविंद गुप्ता नाम के युवक ने संजय सिंह समेत तीन लोगों के खिलाफ जातिगत टिप्पणी करने के आरोप में लखीमपुर जिले के गोला गोकर्णनाथ कोतवाली में शिकायत दी थी। इस तहरीर के आधार पर संजय सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
