दिल्ली दंगों के मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कड़कड़डूमा कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। यह चार्जशीट लगभग 20 हजार पन्नों की है। फिलहाल उमर खालिद और सर्जिल इमाम के खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं की गई है। उनका नाम सप्लीमेंट्री चार्जशीट में शामिल किया जाएगा।
बता दें कि उमर खालिद को रविवार देर रात गिरफ्तार किया गया था। वह 24 सितंबर तक पुलिस रिमांड पर है। जबकि शारजील इमाम पहले से ही न्यायिक हिरासत में हैं। अदालत में चार्जशीट पेश करते हुए स्पेशल सेल ने कोर्ट में कहा कि उसके 747 गवाह हैं। इसके साथ ही आरोपियों के व्हाट्सएप चैट, तकनीकी सबूत और अन्य दस्तावेज भी हैं। जो दंगों को उकसाने की भूमिका साबित करता है।
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| Image credit:- opindia |
स्पेशल सेल में आरोपित ताहिर हुसैन, मुहम्मद परवेज अहमद, मुहम्मद इलियास, सैफी खालिद, इशरत जहां, मीरान हैदर, सफुरा जरगर, आसिफ इकबाल तनहा, शादाब अहमद, नताशा नरवाल, देवांगना कलिता, तस्लीम अहमद, सलीम मलिक, मुहम्मद खान और अतहर खान के नाम शामिल हैं। स्पेशल सेल ने कोर्ट को बताया कि उन्हें चार्जशीट दाखिल करने के लिए केंद्र और दिल्ली सरकार दोनों से अनुमति मिल गई है।
दंगों के लिए विदेशों से आते थे फंड
स्पेशल सेल की जांच के अनुसार, कई समूहों ने एंटी-सीएए प्रोटेस्ट के दौरान हाथ मिलाया था। इसमें पिंजरा टॉड ग्रुप, पीएफआई, जामिया समन्वय समिति, यूनाइटेड अगेंस्ट हेट, जामिया के पूर्व छात्र, जेएनयू और जामिया के छात्र शामिल थे। इन प्रदर्शनों को पीएफआई और विदेशों द्वारा वित्त पोषित किया गया था। इस पैसे से हथियार भी खरीदे गए। उमर खालिद और शारजील इमाम ने दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में भड़काऊ भाषण दिए। उमर खालिद ने औरंगाबाद, महाराष्ट्र में भाषण दिया था, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की भारत यात्रा का जिक्र था और उन्होंने कुछ बड़ा कहा था। स्पेशल सेल ने अपनी जांच में दिल्ली के दंगों को सुनियोजित पाया है।
