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भारत के खिलाफ जिनपिंग का ‘चीन मॉडल’, अब पाकिस्तान को बीच में लाने की कर रहा है ‘साजिश’

 चीन अब पाकिस्तान को भारत के खिलाफ एक हथियार के रूप में इस्तेमाल करना चाहता है। लद्दाख में LAC को लेकर तनाव के बीच चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग पाकिस्तान जा रहे हैं। खुफिया सूत्रों से पता चला है कि चीन पाकिस्तान को घातक हथियारों से लैस करना चाहता है। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की पाकिस्तान यात्रा के दौरान कई बड़े रक्षा सौदे हो सकते हैं।

जिनपिंग के पाकिस्तान दौरे की तारीख अभी तय नहीं हुई है। जिनपिंग को इस साल जून में पाकिस्तान जाना था, लेकिन कोरोना महामारी के कारण यह दौरा नहीं हो सका। लेकिन खबर यह नहीं है कि चीन के राष्ट्रपति पाकिस्तान जा रहे हैं। खबर है कि जिनपिंग भारत के खिलाफ पाकिस्तान का इस्तेमाल करना चाहते हैं। इसके लिए चीन पाकिस्तान को मजबूत करने के लिए आधुनिक हथियार के साथ साथ अपनी कई टेक्नोलॉजी पाकिस्तान को दे सकता है।

चीन एक आधुनिक सशस्त्र ड्रोन सीएच -4 यूसीएवी यानी मानव रहित लड़ाकू हवाई वाहन देने जा रहा है। दिसंबर 2020 तक चीन सीएच -4 ड्रोन पाकिस्तान को सौंप देगा। CH4 कोई मामूली ड्रोन नहीं है। यह बहुत घातक लड़ाकू ड्रोन है। जो तेज हमले करने में सक्षम है और इसकी जासूसी सीमा बहुत अधिक है। इससे 350 किलोग्राम तक के हथियार साथ ले जा सकते हैं। यह रात और दिन दोनों काम कर सकता है।

पाकिस्तान की नौसेना भी चीन को मजबूत करने में लगी हुई है। इसका प्रमाण उपग्रह के चित्र में मिलता है। पाकिस्तान की नौसेना ने चीनी नौसैनिक युद्धपोतों के बीच कराची में अपनी अगस्ता -19 पनडुब्बी तैनात की।

अगोस्ता -19 पनडुब्बी परमाणु मिसाइल बाबर -3 लॉन्च करने में सक्षम है। पाकिस्तान के पास फ्रांस से खरीदी गई 5 ऐसी पनडुब्बियां हैं। इससे पता चलता है कि चीनी और पाकिस्तान नेवी तकनीक और हार्डवेयर दोनों साझा कर रहे हैं।

पाकिस्तान और चीन की नौसेनाओं के इस जमावड़े से भारत की चिंताएँ बढ़ सकती हैं। फोर्ब्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान चीन से टाइप 039 बी युआन क्लास (युवान क्लास सबमरीन) की 8 पनडुब्बियां खरीद रहा है। जिसके पास एंटी-शिप क्रूज मिसाइल है। यह पनडुब्बी कम शोर पैदा करती है इसलिए पानी के नीचे का पता लगाना बहुत मुश्किल है।

यही नहीं, पाकिस्तान को जल्द ही चीन से रडार और उन्नत लंबी दूरी की हवाई और मिसाइल रक्षा प्रणाली भी मिलेगी।

शी जिनपिंग ने आखिरी बार 2015 में पाकिस्तान का दौरा किया था। तब चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे के तहत 51 परियोजनाएं थीं। इस बार जिनपिंग पाकिस्तान को घातक हथियार बेचने जा रहे हैं।

दूसरी ओर, अमेरिकी वायु सेना की रिपोर्ट से पता चला है कि चीन ने पूर्वी लद्दाख के पास शिनजियांग के होटन एयरबेस पर 36 विमान और हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं। जिसमें 24 J-11 लड़ाकू विमान, 6 J-8 लड़ाकू विमान, 2 कार्गो विमान, 2 KJ-500 चेतावनी विमान, 2 MI-17 हेलीकॉप्टर और CH-4 लड़ाकू ड्रोन शामिल हैं।

जाहिर है, चीन भारत के खिलाफ सैन्य दबाव बढ़ाने की साजिश रच रहा है। लेकिन भारत की सेनाएं भी चीन की हर हरकत को नाकाम करने के लिए तैयार हैं। भारतीय सेना ने एलओसी के साथ-साथ एलएसी पर भी भारी हथियार तैनात कर दिए हैं, जो चीन और पाकिस्तान दोनों को मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम हैं।

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