ज़ी न्यूज़ ने अपने एक आर्टिकल में यह जानकारी दी कि ज़ी न्यूज़ के 29 कर्मी कोरोना पॉजिटिव है। जिसके बाद यूट्यूबर मोहम्मद अरबाज ने ज़ी न्यूज़ के बारे में झूठी खबर फैलाने की कोशिश की। मोहम्मद अरबाज ने अपनी यूट्यूब वीडियो के थंबनेल और टाइटल में लिखा,” ज़ी न्यूज़ क्लोज्ड”। इसके बाद उन्होंने यह भी बताने की कोशिश की कि जी न्यूज के 2500 कर्मी छिपे हुए हैं। साथ ही मोहम्मद अरबाज ने ज़ी न्यूज़ को तबले की चमक से जोड़ने की भी कोशिश की। मोहम्मद अरबाज ने अपने वीडियो में ज़ी न्यूज चैनल को जमात के नाम से बुलाने की कोशिश की ताकि लोगों के जहन में ज़ी न्यूज़ के प्रति लोगों के दिलों में नफरत पैदा हो।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ज़ी न्यूज़ ने अपनी बेबाक पत्रकारिता से लोगों को काफी प्रभावित किया है। जिसके लिए लिबरल मीडिया ने ज़ी न्यूज़ को बदनाम करने की कोशिश की।
मोहम्मद अरबाज ने अपने वीडियो में बताया कि ज़ी न्यूज़ चैनल बंद होने वाला है। जो पूरी तरह से झूठ है। असल में जी न्यूज़ ने अपने लेख में बताया कि ज़ी न्यूज़ के 29 कर्मी कोरोना पॉजिटिव निकले हैं। और ज़ी न्यूज़ के 2500 कर्मियों की जांच की जा रही है ताकि इसे फैलने से रोका जा सके।
ज़ी न्यूज़ के चीफ एडिटर सुधीर चौधरी ने बताया कि ज़ी न्यूज़ बंद नहीं होने वाला है। ज़ी न्यूज़ अपनी बेबाक और बेखौफ पत्रकारिता जारी रखेगा। कई लोगों और लिबरल मीडिया ने ज़ी न्यूज़ को ट्रोल करने की कोशिश की। लेकिन ज़ी न्यूज ने उन्हें करारा जवाब देते हुए कहा कि ज़ी न्यूज़ अपनी बेबाक पत्रकारिता जारी रखेगा। इसके लिए कोविड-19 से बचने के लिए सारे नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा। और चैनल को सुचारू रूप से चलाया जाएगा।
